अपने आशियाने का सपना हुआ महंगा, सीमेंट, सरिया, ईंट व मोरंग के दामों ने छुआ आसमान
निवाले के साथ-साथ पढ़ाई पर भी महंगाई की मार से आम आदमी को घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों के आने-जाने के लिए स्कूल बस का शुल्क हो या फिर ड्रेस सभी के अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
स्टेशनरी की कीमतों में भी 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कापी-किताब, पेन, पेंसिल जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम पढ़ने से अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मूल्य वृद्धि बिल्डिंग मैटेरियल में हुई है। इसमें बीस से लेकर तीस प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
इतना महंगा हो गया सीमेंट, सरिया, ईंट व मोरंग
आम आदमी के लिए अब आशियाना बनाना भी महंगा हो गया है। सीमेंट, सरिया, ईंट, गिट्टी व लाल बालू समेत अन्य निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से निर्माण की लागत 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। निर्माण सामग्री के दाम आसमान छूने से किचन के साथ मकान के लिए रखा बजट भी कम पड़ने लगा है। लोग बता रहे है कि तीन महीने पहले उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया था और यह आस लगाई थी कि उनका आशियाना उनके बजट में बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन, वह बढ़ती महंगाई से मायूस हो गए हैं। उनका कहना है कि लग रहा काम रोकना पड़ेगा। जब पैसे की व्यवस्था हो जाएगी तो फिर निर्माण शुरू कराएंगे। इसी तरह कई लोग हैं जो हाल फिलहाल के लिए मकान बनवाने का इरादा ही बदल चुके हैं। सीमेंट, सरिया, बालू, मोरंग, गिट्टी के साथ ईंट की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
बालू की कीमत भी आसमान पर
जो सफेद बालू दो माह पूर्व 20 रुपये फीट था, जो कि अब 22 रुपये हो गया है। सीमेंट की कीमतों में 50 रुपये प्रति बोरी तक का इजाफा हुआ है। मोरंग की दरें 75 रुपये प्रति फीट है। जबकि पिछले साल 65 से 70 रुपये प्रति फीट के भाव था। गिट्टी की कीमतों पर नजर डालें तो वह 75 से बढ़कर 85 रुपये प्रति फीट पर पहुंच गया है। सबसे अधिक तेजी सरिया में देखने को मिल रही है। 55 सौ रुपये से बढ़कर 77 सौ रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच गया है। ईंट की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। पिछले सीजन में 14 हजार रुपये प्रति ट्राली बिकने वाली ईंट की कीमत 17 से 18 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
कीमतों में बढ़ोतरी
सामग्री 2021 2022
बालू 18रु. (प्रति फीट) 22
गिट्टी 75रु. (प्रति फीट) 85
सरिया 6000(प्रति क्वि.) 7700
मोरंग 78 रु. (प्रति फीट) 90
ईंट 14000 (प्रति ट्राली) 17000
सीमेंट 400 रु.(प्रति बोरी) 470
स्टेशनरी भी हुई महंगी
इस वर्ष स्टेशनरी के दाम तेजी से बढ़ें हैं। कापियां 20 से 25 प्रतिशत बढ़ी हैं। किताबें भी 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गए। जो पेन 10 रुपये में मिलता था वह 20 रुपये का मिल रहा है। इसी तरह पेंसिल भी एक से दो रुपये महंगा हो गया है। चुनाव के बाद से लगातार पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर स्कूल-कालेजों में पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ना शुरू हो गया है। जो छात्र बस से स्कूल जाते हैं उन्हें पहले की अपेक्षा वाहनों का शुल्क अधिक चुकाना पड़ रहा है।