फ्रांस चुनाव : इमैनुएल मैक्रों और दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन देश के राष्ट्रपति चुनाव में एक और मुकाबले के लिए तैयार, दोनों नेताओं ने पहले दौर के मतदान में 10 अन्य उम्मीदवारों को पीछे छोड़ा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन देश के राष्ट्रपति चुनाव में एक और मुकाबले के लिए तैयार हैं। मैक्रों को यदि अपनी प्रतिद्वंद्वी मरीन ले पेन को हराना है, तो उन्हें अपने अभियान को और आगे बढ़ाना होगा।
अनुमान है कि दोनों नेता पहले दौर के मतदान में 10 अन्य उम्मीदवारों को पीछे छोड़ चुके हैं और अब करीबी मुकाबला इन्हीं दो नेताओं के बीच है।
फ्रांस में मतदाता निजी तौर पर मतदान करते हैं और मतदान खत्म होने के बाद उन मतपत्रों की गिनती की जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर मतदाताओं की संख्या के आधे से अधिक मत यदि किसी को नहीं मिलते हैं तो शीर्ष के दो उम्मीदवारों के बीच 24 अप्रैल को दूसरे और निर्णायक दौर का मतदान होगा।
रविवार को राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद फ्रांसीसी पोलिंग एजेंसी ने राष्ट्रपति मैक्रों के दक्षिणपंथी उम्मीदवार मरीन ले पेन पर बढ़त हासिल करने का अनुमान जताया है। अनुमान के मुताबिक, पहले चरण में जहां मैक्रों को 27 से 29 फीसदी मतदाताओं का समर्थन मिलता दिख रहा है, वहीं 23 से 24 फीसदी वोट ले पेन के खाते में जा सकते हैं। हालांकि, दूसरे चरण के मतदान में दोनों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
मैक्रों जीते तो इतिहास रचाएंगे
यदि मौजूदा अनुमान की आधिकारिक मतगणना से पुष्टि हो जाती है तो फ्रांस 2017 में दोनों नेताओं के बीच हुए आमने-सामने के मुकाबले को दोहराने के लिए तैयार है। इन्हीं चुनावों में मध्यमार्गी मैक्रों (44) को देश का सबसे युवा राष्ट्रपति बनाया। हालांकि, इस बार गारंटी नहीं है कि नतीजे पहले जैसे ही हों। लेकिन यदि ऐसा होता है तो मैक्रों 20 साल में दूसरा कार्यकाल जीतने वाले फ्रांस के पहले राष्ट्रपति बनकर इतिहास रचाएंगे।