रूस-यूक्रेन युद्ध: पुतिन सरकार के खिलाफ, अमेरिका ने अपुष्ट खुफिया सूचनाओं के जरिए बनाया माहौल? 

 

क्या अमेरिका ने रूस के खिलाफ माहौल बनाने के लिए अपुष्ट सूचनाओं का इस्तेमाल किया है? अमेरिकी टीवी चैनल एनबीसी पर दिखाई गई एक रिपोर्ट के बाद ये सवाल दुनिया भर में चर्चा में है।

एनबीसी ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को दिखाई। उसमें तीन अमेरिकी अधिकारियों का हवाला दिया गया।
जो बाइडेन प्रशासन ने ये चर्चा फैलाई थी कि रूस संभवतः यूक्रेन में रासायनिक हथियार इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। बाद में राष्ट्रपति बाइडेन ने ये बात सार्वजनिक रूप से कही। लेकिन तीन अमेरिकी अधिकारियों ने एनबीसी से कहा कि अमेरिका के पास इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि रूस यूक्रेन के पास किसी प्रकार का रासायनिक हथियार ले आया है। अधिकारियों ने कहा कि ये सूचना इसलिए जारी की गई ताकि रूस ऐसे प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल ना करे।
एनबीसी ने कहा है कि गोपनीय खुफिया जानकारियों का इस तरह इस्तेमाल करने की एक सिर्फ एक मिसाल है। जबकि परंपरा ऐसी जानकारियों को सार्वजनिक ना करने की रही है। बाइडेन प्रशासन ने ऐसी कई जानकारियां जारी कीं, जिन पक्ष में कोई ठोस साक्ष्य नहीं था। अधिकारियों ने कहा है कि हर बार ऐसा रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किया गया।
अधिकारियों बताया कि ऐसी खुफिया सूचनाओं को जारी करना अभूतपूर्व है। इस सारी प्रक्रिया की देखरेख ह्वाइट हाउस की नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल ने की। सूचनाओं के भंडार में से जारी करने लायक जानकारी चुनने के काम में खुफिया एजेंसियों को अपने कई कर्मचारियों को लगाना पड़ा। उन कर्मचारियों का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि खुफिया एजेंसियों के सूत्रों और एजेंसियों के काम करने के तरीकों की गोपनीयता भंग ना हो।
अमेरिकी पर्यवेक्षकों ने खुफिया सूचनाओं के हुए ऐसे इस्तेमाल को एक साहसी और सफल रणनीति कहा है। लेकिन साथ ही उनकी राय है कि ऐसी रणनीति जोखिम भरी है। टिम वेइनर सीआईए का इतिहास लिख चुके हैँ। साथ ही 2020 में आई अपनी किताब द फॉली एंड दो ग्लोरी के लिए चर्चित हुए थे। उन्होंने एनबीसी से कहा- 'क्यूबा मिसाइल संकट के बाद राजसत्ता के उपकरण के रूप में खुफिया सूचना का यह सबसे कमाल का इस्तेमाल है। निश्चित रूप से इससे क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) के दुष्प्रचार का हथियार भोथरा हो गया।'
एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कई अमेरिकी अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि अमेरिका ने कई ऐसी सूचनाओं का इस्तेमाल किया, जिनके सही होने को लेकर अमेरिकी अधिकारियों का आत्म-विश्वास मजबूत नहीं था। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस उपाय के जरिए अमेरिका यूक्रेन पर रूसी हमले में कई हफ्तों तक की देर करने में सफल रहा। इससे अमेरिका को रूस के खिलाफ सहयोगी देशों का साझा मोर्चा बनाने में मदद मिली।
लेकिन एक अन्य पश्चिमी देश के अधिकारी ने एनबीसी से कहा कि ऐसी रणनीति खतरनाक है। इससे अमेरिका की साख को बेहद नुकसान पहुंचेगा। साथ ही रूस इसका फायदा उठाएगा। एनबीसी की रिपोर्ट आने के बाद से दुनिया के कई हिस्सों में सोशल मीडिया पर अमेरिका और उसकी खुफिया एजेंसियों की साख पर सवाल उठाए जा रहे हैं।