यूक्रेन-रूस युद्ध में अब तक 17 हजार भारतीयों ने छोड़ा यूक्रेन, अगले 3 दिनों में भेजी जाएंगी 26 उड़ानें

 

यूक्रेन-रूस युद्ध में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार हर संभव जोर लगा रही है। कीव और खारकीव अब इस जंग का मुख्य केंद्र बन गया है। रूस और यूक्रेन के बीच जंग बेकाबू हो चला है।

रूसी सेना हथियारों से लैस खारकीव की ओर कूच कर चुकी है। रूसी मीडिया से मिल रही खबरों के अनुसार खारकीव पर आज रात 9 बजे तक बड़ा हमला होने वाला है।

खारकीव से भारतीयों को भारत में लाया जा रहा है। बता दें कि 17 हजार भारतीय यूक्रेन छोड़ चुके हैं। विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने मंगलवार को देर रात संवाददाताओं से बातचीत में कहा की यूक्रेन में करीब 20 हजार भारतीय मौजूद थे। शृंगला ने कहा कि अगले तीन दिनों में 26 उड़ानें छात्रों और नागरिकों को लेने यूक्रेन के चार पड़ोसी देशों में जाएंगी। बुधवार सुबह एयरफोर्स के सी-17 विमान भी रवाना होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब से कुछ देर बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत कर सकते हैं। जंग छिड़ने के बाद दोनों नेताओं की यह दूसरी बार बातचीत होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान भारतीय लोगों की सुरक्षित वापसी पर ही फोकस होगा।

इस बीच रूसी सेना का काफिला खारकीव की ओर निकल चुका है। इस बीच जंग के सातवें दिन विदेश मंत्रालय की ओर से एक नई एडवाइजरी जारी की गई है। एडवाइजरी के मुताबिक, खारकीव में मौजूद सभी भारतीयों को उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल खारकीव शहर छोड़ने के लिए कहा गया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जो भारतीय खारकीव में हैं वे किसी भी तरह से शहर छोड़ दें। इससे ये अनुमान लगाया जार रहा है कि आज रूस कुछ बड़ा करने वाला है। पूरे खारकीव में दहशत का माहौल है। लोग लगातार बो रही बमबारी से सहमे हुए हैं।