महाकाल में होली, भक्त बाबा के भजनों में झूमते आए नजर

 
दुनिया भर में मनाए जाने वाले होली के त्यौहार की शुरुआत धार्मिक नगरी मध्य प्रदेश के उज्जैन से हो गई है। यहां सबसे पहले होली के त्यौहार की शुरुआत विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर से हुई। बाबा महाकाल के दरबार में होली का उत्सव मनाया गया। यहां संध्या आरती में पांडे पुजारियों ने महाकाल के साथ होली खेली। हजारों की संख्या में भक्तों ने भक्ति में लीन होकर अबीर गुलाल के साथ होली मनाई। आरती के बाद यहां होलिका दहन किया गया और भक्त बाबा के भजनों में झूमते नजर आए।

देश भर में शुक्रवार को होली का त्यौहार मनाया जाएगा परन्तु उज्जैन के महाकाल मंदिर में होली के त्यौहार की शुरुआत एक दिन पहले ही हो जाती है। यहां परंपरा अनुसार संध्या आरती में बाबा महाकाल को रंग लगाया गया। श्रद्धालु और पण्डे पुजारियों ने आरती में लीन होकर अबीर गुलाल और फूलों के साथ होली खेली। आरती के बाद मंदिर परिसर में मंत्रोचारण के साथ होलिका दहन किया गया। इस दौरान भजन संध्या भी हुई, जिसमें भक्त झूमते गाते नजर आए।

देश विदेश से कई भक्त उज्जैन में मनाई जाने वाली इस होली को देखने के लिए आते है। आरती के समय बाबा के भक्तो पर भी होली का रंग खूब चढ़ता है क्या बच्चे क्या बड़े सभी बाबा महाकाल के रंग में रंग जाते हैं। महाकाल मंदिर में एक दिन पहले होली का पर्व मानाने की परंपरा आदि अनादिकाल से चली आ रही। यहां सबसे पहले बाबा महाकाल के आंगन में होलिका का दहन होता है और उसके बाद शहर भर में होली मनाई जाती है।