आइपीएल के 15वें सीजन में एक और स्टार की वापसी, दिल्ली की जीत का बना हीरो

 

 आइपीएल-15 ऐसे सितारों के लिए मददगार बनकर आया है जिन्हें पिछले कुछ सालों में भारत के पिछले टीम प्रबंधन से उतना समर्थन नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था। पहले मैच में जहां वानखेड़े स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स से कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) में आए तेज गेंदबाज उमेश यादव ने कमाल दिखाया तो रविवार को ब्रेबोर्न स्टेडियम में केकेआर से दिल्ली में आए चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने तीन विकेट लेकर बताया कि अगर उन पर भरोसा जताया जाए तो वह कुछ भी कर सकते हैं।

मैन आफ द मैच कुलदीप ने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसके कारण मुंबई इंडियंस 20 ओवर में पांच विकेट पर 177 रन ही बना सकी। इशान किशन ने सबसे ज्यादा नाबाद 81 रन बनाए। दिल्ली ने ऊपरीक्रम के खराब प्रदर्शन के बावजूद ललित यादव (नाबाद 48), शार्दुल ठाकुर (22) और अक्षर पटेल (नाबाद 38) की बदौलत 18.2 ओवर में चार विकेट से जीत हासिल कर ली। ललित और अक्षर के बीच सातवें विकेट के लिए 30 गेंद पर 74 रनों की साझेदारी हुई।

कुलदीप के साथ अच्छा नहीं हुआ : कभी छोटा मैदान होने, कभी ठंडी हवाएं चलने तो कभी विपक्षी टीम के पास ज्यादा बायें हाथ के ज्यादा बल्लेबाज होने की वजह देकर विराट एंड कंपनी ने कुलदीप को 2019 से 2021 तक अंतिम एकादश से अधिकतर बाहर रखा और यही कारण रहा कि उनकी पूर्व आइपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर ने भी उन्हें 2019 में नौ और 2020 में सिर्फ पांच मैच खिलाए। 2021 में घुटना चोटिल होने के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके। इस साल मेगा नीलामी में उन्हें दो करोड़ रुपये में खरीदने के बाद दिल्ली के मालिक पार्थ जिंदल ने कहा था मुझे लगता है कि केकेआर ने पिछले दो सत्रों में उनका प्रयोग बेहतर तरीके से नहीं किया। पिछले साल कुलदीप ने भी कहा था कि मुझे जितने मैच खेलने की उम्मीद थी, उतने नहीं खेल सका।

जब आप लगातार खेलते हो तो आपका आत्मविश्वास आसमान पर होता है, लेकिन जब आप ज्यादा समय बेंच पर बैठते हो तो उसका नीचे आना स्वाभाविक है। 2020 में कोविड के कारण चीजें और कठिन हुईं। मुझे आइपीएल में चेन्नई में नहीं खिलाया गया, जबकि पता था कि वहां की पिच टर्नर है। मैं आश्चर्यचकित था, लेकिन कुछ नहीं कर सकता था। तीन जुलाई 2018 को मैनचेस्टर में कुलदीप यादव ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में चार ओवर में 24 रन देकर पांच विकेट लिए थे। कार्डिफ में उन्होंने अगले मैच में कोई विकेट नहीं लिया और इसके बाद ब्रिस्टल में उन्हें ड्राप कर दिया। तब तत्कालीन कप्तान विराट कोहली ने टास के बाद कहा था कि मैदान के आकार और यहां चल रही ठंडी हवाओं के कारण हमने एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज दीपक चाहर को पदार्पण कराया।

हालांकि उस मैच में अपेक्षाकृत कम सफल युजवेंद्रा सिंह चहल खेले थे। इसके बाद नाटिंघम में पहले वनडे में ही कुलदीप ने 10 ओवर में 25 रन देकर छह विकेट लिए। दूसरे वनडे में उन्होंने 68 रन पर तीन विकेट लिए। 2018-19 में आस्ट्रेलिया के टेस्ट दौरे के समय तत्कालीन मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कुलदीप को विदेशी जमीन पर भारत का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्पिनर बताया था, लेकिन अगले दो साल में टीम ने एक मैच में स्टैंड बाई खिलाड़ी शहबाज नदीम को अंतिम एकादश में शामिल किया, लेकिन 15 की टीम में होने के बावजूद कुलदीप को नहीं खिलाया। हालांकि रोहित के कप्तान बनने के बाद कुलदीप को जहां टीम इंडिया में मौके दिए गए तो वहीं दिल्ली में आने के बाद उनका आइपीएल करियर फिर से संवरने लगा है। उन्होंने इस मैच में मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा, अनमोलप्रीत सिंह और कीरोन पोलार्ड को आउट किया।

इशान की बढि़या बल्लेबाजी : मुंबई ने सलामी बल्लेबाज इशान किशन को मेगा नीलामी में 15.25 करोड़ रुपये में खरीदा था और उन्होंने पहले ही मैच में आखिर तक एक छोर संभालकर 48 गेंदों पर नाबाद 81 रन बनाए। उन्होंने कुलदीप के झटकों के बावजूद अपनी टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने अक्षर पर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर 34 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने शार्दुल की आखिरी दो गेंदों को सीमा रेखा तक पहुंचाया।

ललित और अक्षर का कमाल : आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वार्नर और मिशेल मार्श पाकिस्तान में सीरीज खेलने के कारण अभी तक यहां नहीं आए हैं। दक्षिण अफ्र ीका के एनरिक नोत्र्जे पूरी तरह फिट नहीं हैं। मुस्तफिजुर रहमान क्वारंटाइन हैं। यही कारण है कि इस मैच में दिल्ली टिम सीफर्ट और रोमैन पावेल के तौर पर सिर्फ दो विदेशी खिलाडि़यों के साथ उतरी। पृथ्वी शा (38) के अलावा ऊपरीक्रम में कोई बल्लेबाज रन नहीं बना सका। एक समय स्कोर 72/5 हो गया था, लेकिन ललित यादव, शार्दुल और अक्षर जैसे आलराउंडरों ने साबित कर दिया कि देसी खिलाड़ी किसी से कम नहीं हैं। ललित ने शार्दुल के साथ छठे विकेट के लिए 32 और अक्षर के साथ सातवें विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी करके मैच का समीकरण ही बदल दिया।