थाइलैंड में एक व्यक्ति 21 सालों से अपनी मरी हुई पत्नी के शव के साथ रह रहा था, जाने अंतिम संस्कार न करने की क्या थी वजह?
| May 7, 2022, 16:02 IST

लोग अपना प्यार जताने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। कुछ से उनके पार्टनर खुश हो जाते हैं तो कुछ दुनिया के लिए मिसाल बन जाते हैं। लेकिन थाइलैंड में एक व्यक्ति ने अमर प्रेम दिखाने के लिए कुछ ऐसा किया है जो बेहद हैरान करने वाला है। इसे अमर प्रेम भले कोई न माने लेकिन पागलपन जरूर मान सकता है। बैंकॉक में रहने वाला एक 72 वर्षीय बुजुर्ग पिछले 21 सालों से अपनी मरी हुई पत्नी के शव के साथ रह रहा था। अब उसने उसका अंतिम संस्कार किया है।
चरण जनवाचकल ने दो दशक तक अपनी पत्नी के शव के साथ रहने के बाद उसे अंतिम विदाई दी। चरण ने कहा कि उसने शाश्वत प्रेम दिखाने के लिए ऐसा किया है। बैंकॉक के फेट कासेम फाउंडेशन की मदद से बुजुर्ग ने पत्नी का अंतिम संस्कार किया।चरण के खिलाफ शव को छिपाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है, क्योंकि उसने अपनी पत्नी की मौत को रिपोर्ट किया था, लेकिन वह उसे जिंदा मान कर उसके साथ रह रहा था। फाउंडेशन के अधिकारियों ने उसे मृत्यु प्रमाण पत्र की एक कॉपी दिलाई, जिसके मुताबिक महिला की मौत 2001 में हुई थी।
चरण हाल ही में एक मोटरसाइकिल एक्सीडेंट में घायल हो गए थे। इसके बाद चरण ही फाउंडेशन के अधिकारियों के पास पहुंचा और बताया कि उसकी पत्नी का शव उसके घर में है, जिसका अंतिम संस्कार कराया जाए। चरण को डर था कि अगर वह मर गया तो उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार सही से नहीं हो पाएगा।
चरण जनवाचकल ने दो दशक तक अपनी पत्नी के शव के साथ रहने के बाद उसे अंतिम विदाई दी। चरण ने कहा कि उसने शाश्वत प्रेम दिखाने के लिए ऐसा किया है। बैंकॉक के फेट कासेम फाउंडेशन की मदद से बुजुर्ग ने पत्नी का अंतिम संस्कार किया।चरण के खिलाफ शव को छिपाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है, क्योंकि उसने अपनी पत्नी की मौत को रिपोर्ट किया था, लेकिन वह उसे जिंदा मान कर उसके साथ रह रहा था। फाउंडेशन के अधिकारियों ने उसे मृत्यु प्रमाण पत्र की एक कॉपी दिलाई, जिसके मुताबिक महिला की मौत 2001 में हुई थी।
चरण हाल ही में एक मोटरसाइकिल एक्सीडेंट में घायल हो गए थे। इसके बाद चरण ही फाउंडेशन के अधिकारियों के पास पहुंचा और बताया कि उसकी पत्नी का शव उसके घर में है, जिसका अंतिम संस्कार कराया जाए। चरण को डर था कि अगर वह मर गया तो उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार सही से नहीं हो पाएगा।
