logo

बांग्लादेश में नेशनल आईडी पर फोटो का बुर्के वाली मुस्लिम महिलाये कर रहीं विरोध

 | 
बांग्लादेश में नेशनल आईडी पर फोटो का बुर्के वाली मुस्लिम महिलाये कर रहीं विरोध

बांग्लादेश में मुस्लिम महिलाओं के लिए विशेष नेशनल आईडी बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस पर बांग्लादेश की अदालत ने भी सरकार से जवाब मांगा है। फोटो या बिना फोटो वाली आईडी को लेकर बहस भी खड़ी हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंजुमन नामक इस्लामिक संगठन से जुड़ी मुस्लिम महिलाओं ने सरकार के पास मांग भेजी गई थी कि वे नेशनल आईडी कार्ड पर अपनी फोटो नहीं लगवाना चाहते हैं। संगठन से जुड़ी शर्मिन यास्मीन का कहना है कि नेशनल कार्ड पर फोटो लगवाना भी उनकी धार्मिक मान्यता में नहीं है। उनकी धार्मिक मान्यता मानती है कि उनके परिवार से बाहर कोई भी व्यक्ति किसी मुस्लिम महिला का चेहरा न देख सके। उन्होंने कहा कि अगर नेशनल आईडी कार्ड से फोटो हटा दिया जाए तो मुस्लिम महिलाओं को बेपर्दा नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को हमारी मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

शर्मिन यास्मीन का कहना है कि नेशनल आईडी कार्ड पर फिंगरप्रिंट होते हैं। अगर फोटो वाली आईडी जरूरी है तो ऐसे मामले में कैसे पहचान होगी, अगर कोई जुड़वा हो या फिर किसी का चेहरा किसी अन्य इंसान से मेल खाता हो। उन्होंने कहा कि फिंगरप्रिंट ही ऐसे होते हैं, जो बचपन से लेकर बुजुर्ग होने तक फिंगरप्रिंट में कोई बदलाव नहीं आता। इसलिए नेशनल आईडी कार्ड पर फोटो को हटाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

इस मामले पर अदालत ने सरकार से पूछा था कि बिना फोटो वाली नेशनल आईडी को बनाने में क्या दिक्कत आएगी। अदालत ने कहा था कि अगर कोई भी महिला फोटो वाली आईडी नहीं बनवाना चाहती तो वो भी सरकारी योजनाओं से वंचित हो जाएगी। ऐसे में रास्ता होना चाहिए कि सब सामान रूप से योजनाओं का लाभ उठा सकें।

सरकारी वकील ने बिना फोटो वाली नेशनल आइडी को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि हर जगह फिंगरप्रिंट को स्कैन करने की सुविधा नहीं हो पाती तो उसकी पहचान उसका चेहरा देखकर की जाती  है।