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PM मारिन का बयान- हर तरह के खतरे का करना होगा आंकलन, फिनलैंड कुछ हफ्तों में लेगा नाटो में शामिल होने का फैसला

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PM मारिन का बयान- हर तरह के खतरे का करना होगा आंकलन, फिनलैंड कुछ हफ्तों में लेगा नाटो में शामिल होने का फैसला

 फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन ने कहा है कि उनका देश नाटो में शामिल होने का फैसला कुछ हफ्तों के भीतर कर लेगा। इस फैसले के लिए महीनों लंबी चर्चा या विचार-विमर्श नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, यूक्रेन के इसी तरह के आवेदन के बाद रूस ने उस पर हमला कर दिया। फिनलैंड इस खतरे का भी आंकलन करेगा, इसके बाद फैसला करेगा।

नाटो में शामिल होने के लिए विश्लेषण जरूरी

फिनलैंड, नार्डिक राज्य और स्वीडन नाटो के करीबी सहयोगी हैं, लेकिन शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ का मुकाबला करने के लिए 1949 में स्थापित 30 सदस्यीय गठबंधन में शामिल होने से किनारा करते रहे हैं। स्वीडन की अपने समकक्ष के साथ स्टाकहोम में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मारिन ने कहा कि नाटो में शामिल होने के फैसले को लेकर हमें रूस की ओर से हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। साथ ही अपने बयान में उन्होंने कहा कि नाटो में शामिल होने के विकल्प का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जाना चाहिए, लेकिन रूसी सेना द्वारा यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के बाद से परिस्थितियों में बहुत बदलाव आ गया है।

फिनलैंड का नाटो में शामिल होने पर संशय

मारिन ने कहा है कि नाटो में शामिल होने के लिए उन्होंने अभी कोई वक्त निश्चित नहीं किया है। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि इस संबंध में फैसला आने वाले कुछ ही हफ्तों में लिया जाएगा। गौरतलब है कि फिनलैंड पूर्व में रूस के साथ करीब 1,300 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। फिनलैंड की करीब 68 फीसदी जनता नाटो में शामिल होने का समर्थन करती है, वहीं करीब 12 फीसदी लोग इसके विरोध में हैं।

नाटो और रूस के समझौते का प्रस्ताव

फ्रांस के चुनाव में राष्ट्रपति पद की मजबूत उम्मीदवार मैरीन ली पेन ने रूस-यूक्रेन युद्ध थमने के बाद नाटो और रूस के बीच मजबूत और परस्पर विश्वास वाला संबंध विकासित करने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने पर वह इस तरह का प्रस्ताव नाटो के समक्ष पेश करेंगी। इस संबंध विकसित होने से वैश्विक शांति को बल मिलेगा और विश्वास के साये में दुनिया आगे बढ़ सकेगी।