इमरान खान के बयान 'शहबाज शरीफ सरकार में सुरक्षित नहीं परमाणु हथियार पर पाकिस्तानी सेना ने किया पलटवार

पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने देश की परमाणु संपत्ति की रक्षा करने की क्षमता पर संदेह जताया था।
इमरान खान सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद सेना के खिलाफ सोशल मीडिया पर चले मुखर अभियान के बीच सैन्य प्रवक्ता का यह बयान आया है।
इमरान खान ने आरोप लगाया है कि उन्हें शहबाज शरीफ (Shebaz Sharif) सरकार में देश की परमाणु संपत्ति की रक्षा करने की क्षमता पर संदेह हो रहा है। इमरान के इस बयान के बाद गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर उनके आरोपों को खारिज कर दिया।
इमरान ने शहबाज सरकार पर बोला हमला
दरअसल, पेशावर में बुधवार को एक रोड शो के दौरान इमरान खान ने सवाल किया था कि क्या पाकिस्तान के परमाणु हथियार 'लुटेरे' और 'चोर' के हाथों में सुरक्षित है? अपने भड़काऊ भाषण में इमरान खान ने कहा था कि वे पूछना चाहते हैं कि क्या 'साजिश' के तहत सत्ता में लाए गए लोग देश के परमाणु कार्यक्रम की रक्षा कर सकते हैं।
खान ने कहा कि जिस साजिश के तहत इन लोगों (शहबाज शरीफ) को सत्ता में लाया गया, मैं अपने संस्थानों से पूछता हूं, क्या हमारा परमाणु कार्यक्रम जो उनके हाथ में है? क्या वे इसकी रक्षा कर सकते हैं? रैली में उन्होंने आगे कहा कि हमें अमेरिका की माफी की जरूरत नहीं है। आप हमें माफ करने वाले कौन होते हैं? आप इन गुलामों, इन शरीफों, इन जरदारी के आदी हैं।
सेना का इमरान पर पलटवार
एक प्रेस कॉन्फेंस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डायरेक्टर जनरल (DG) मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने इमरान खान के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की परमाणु संपत्ति केवल एक व्यक्ति से संबंधित नहीं है।
इफ्तिखार ने कहा कि हमारे परमाणु कार्यक्रम के लिए ऐसा कोई खतरा नहीं है और हमें इसे राजनीतिक चर्चा में नहीं लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा कार्यक्रम ऐसी जगह पर है कि हमारी कमान और नियंत्रण तंत्र, परिसंपत्ति सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ में से एक है।
'पाक सेना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं'
बाबर इफ्तिखार ने कहा कि पाकिस्तानी सेना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी अराजनीतिक बनी रहेगी। साथ ही, उसने जोर देते हुए कहा कि सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग नहीं कर रहे हैं। वह 29 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे।
आपको बता दें कि संयुक्त विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने कुछ दिन पहले पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली है। देश में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक उथल-पुथल के बाद शरीफ प्रधानमंत्री बने हैं।
