रूस यूक्रेन हर गुजरते दिन के साथ घातक होता जा रहा है रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध

रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine War) के बीच 24 फरवरी से जारी युद्ध का आज 14वां दिन है। हर गुजरते दिन के साथ रूस और यूक्रेन का युद्ध और घातक होता जा रहा है।
दोनों देशों के बीच अबतक तीन दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन युद्ध के खत्म करने को लेकर अभी तक को फॉर्मूला नहीं निकल पाया है। इस युद्ध में न तो राष्ट्रपति पुतिन पीछे हट रहे हैं और न ही यूक्रेन के राष्ट्रपति हार मानने को तैयार हैं। लिहाजा अंतर्राष्ट्रीय अपील भी नाकाफी साबित हो रही है।
यूक्रेन के सूमी समेत अन्य इलाकों में रूस की ओर से हवाई हमले किए गए हैं। इस एयर स्ट्राइक में सूमी के 16 साल के अर्टोम प्रिमेंको पूरे परिवार समेत मारे गए। अर्टोम प्रिमेंको साम्बो में यूक्रेन के चैंपियन थे।
हमले के तेरहवें दिन रूसी सेना ने कीव के पूर्व में सुमी और ओखतिरका शहरों में रिहाइशी इमारतों पर बम गिराए, जिससे कई लोगों की मौत होने के साथ ही भारी तबाही हुई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर जेलेंस्की ने हाउस ऑफ कॉमंस में संबोधन करते हुए कहा कि हम किसी कीमत पर हथियार नहीं डालेंगे, चाहे जो कीमत चुकानी पड़ेगी हम लेड़ेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि यूक्रेनी अपना देश नहीं खोना चाहते हैं। तरह नाजियों के हमले के दौरान ब्रिटिश अपना देश नहीं खोना चाहते थे वैसे ही हम भी अपना देश नहीं खोना चाहते हैं।
उधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से बुधवार को बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैक्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने पर चर्चा हुई है। साथ ही लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने को लेकर भी बात हुई है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को ये ऐलान कर दिया कि अमेरिका अब रूस से तेल और गैस का आयात नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उधर अमेरिकी रक्षा विभाग ने मंगलवार को सांसदों को बताया कि उसका अनुमान है कि रूस के यूक्रेन पर हमले में 2,000 से 4,000 रूसी सैनिक मारे गए हैं।
इस बीच रूस ने विदेशी मुद्रा की बिक्री पर रोक लगा दी है। लोग अपने अकाउंट से अधिकतम 10,000 डॉलर विदेशी मुद्रा में निकाल सकेंगे। अन्य सभी फंड का भुगतान अब रूबल में किया जाएगा।
