नवरात्र में लक्ष्मी, सरस्वती और मां काली के नौ स्वरुपों की होती है पूजा , जानें शुभ मुहूर्त और घटस्थापना का विधि-विधान

हिंदुओं का एक प्रमुख है नवरात्रि का पर्व। ये नौ दिवसीय पर्व है, जिसमें नौ रातों में तीन देवियों - मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां काली के नौ स्वरुपों की पूजा होती है।
इस साल 2021 में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा की तिथि से नवरात्रि का आरंभ होगा। मां आदिशक्ति की उपासना का पर्व 2 अप्रैल से शुरू होंगे और नवमी तिथि 11अप्रैल को होगी।
हर दिन मां दुर्गा के नौ रूप जैसे शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। मां भगवती दुर्गा की आराधना करने से जीवन के सारे दुख, दर्द, कष्ट दूर हो जाते है और जिंदगी में खुशहाली आती है। जाने इस बार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, नवरात्रि पर रखें किन-किन बातों का ध्यान और कैसे करें घर में घटस्थापना -
चैत्र घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
इस साल चैत्र घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 2 अप्रैल 2022, शनिवार की सुबह 06:22 बजे से 08:31 मिनट तक रहेगा। यानी कि कुल अवधि 02 घण्टे 09 मिनट की रहेगी। इसके अलावा घटस्थापना को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:08 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। वहीं प्रतिपदा तिथि 1 अप्रैल 2022 को सुबह 11:53 बजे से शुरू होगी और 2 अप्रैल 2022 को सुबह 11:58 पर खत्म होगी।
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ : अप्रैल 01, 2022 को सुबह 11 बजकर 54 से शुरू
प्रतिपदा तिथि समाप्त : अप्रैल 02, 2022 को सुबह 11 बजकर 57 पर समाप्त
चैत्र घटस्थापना शनिवार, अप्रैल 2, 2022 को
घटस्थापना शुभ मुहूर्त: सुबह 6 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक
घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा।
ऐसे करें घटस्थापना
- घटस्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में सात प्रकार के अनाज बोए जाते हैं।
- इसके बाद बर्तन के ऊपर कलश की स्थापना करें और कलश में जल भरें।
- फिर इसमें गंगाजल मिलाएं और उसके बाद कलश पर कलावा बांधें।
- कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते रख दें।
- फिर जटा नारियल को कलावा से बांध दें।
- लाल कपड़े में नारियल को लपेट कर कलश के ऊपर रखें l
