भारत की पुरुष-महिला हॉकी टीमों ने पूर्व मुख्य कोच सोजर्ड मारिन को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

कोच मारिन ने कहा कि पहले उन्हें संशय हुआ कि खिलाड़ी दबाव के कारण अच्छा नहीं खेल पा रहा, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि मनप्रीत ने कथित तौर पर खिलाड़ी से “इतना अच्छा न खेलने के लिये” कहा है, ताकि वह अपनी पसंद के खिलाड़ी को टीम में ला सकें। इस आरोप पर आपत्ति जताते हुए खिलाड़ियों ने कहा है कि यह पूरी तरह से विश्वास का उल्लंघन है और इससे खिलाड़ी पूरी तरह असुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने कहा, “हमने आज प्रेस में भूतपूर्व मुख्य कोच सोजर्ड मारिन द्वारा लगाये गये कुछ परेशान करने वाले आरोप देखे हैं। हम अपनी व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग और झूठे आरोपों पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त करने के लिए एक साथ आये हैं। उन्होंने हमारे कोचिंग के समय का उपयोग व्यावसायिक लाभ के लिए, हमारी प्रतिष्ठा के बदले अपनी पुस्तक को बेचने के लिए किया है।”
हॉकी इंडिया में मारिन का प्रवेश 2017 में हुआ जब उन्हें भारतीय महिला टीम का कोच चुना गया। उन्हें इसी साल पुरुष टीम का भी कोच चुना गया, लेकिन वह बाद में महिला टीम की ओर लौट आये और 2021 तक मुख्य कोच के पद पर बने रहे। खिलाड़ियों ने कहा, “हम सामूहिक रूप से सोजर्ड मारिन से सवाल करना चाहेंगे कि यदि उनकी निगरानी में ऐसी कोई घटना हुई है तो हॉकी इंडिया या भारतीय खेल प्राधिकरण के पास शिकायत का रिकॉर्ड होना चाहिए। अधिकारियों से जांच करने पर हमें शिकायत का ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।”
उन्होंने कहा, “भारतीय राष्ट्रीय पुरुष और महिला हॉकी टीम एक-दूसरे के साथ खड़ी है और हमारी अखंडता की रक्षा करेगी, जिस पर उनके द्वारा सवाल उठाया गया है। हमारा देश, टीम और हॉकी का खेल हमारी सामूहिक सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम किसी भी परिस्थिति में एक व्यक्ति के निजी लाभ के लिये हमारी टीम के किसी सदस्य की प्रतिष्ठा से समझौता करने की अनुमति नहीं देंगे। हम सोजर्ड मारिन और उस पुस्तक के प्रकाशक हार्पर कॉलिन्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया में हैं।”
